Online Grooming explained to parents in Hindi

Grooming is a process used by offenders and predators to prepare vulnerable young people and children:

sexual abuse

criminal activity

violent and nonviolent extremism

  • It’s a process, not a one-off event or act
  • It starts with befriending online via social media
  • Groomers use social media that use messaging, images and video such as
  • Facebook, WhatsApp, Instagram, Shap Chat
  • Groomers build trust by flattering someone, sharing stories or common interests like hobbies
  • They create a bond where the child or young person is afraid to speak to an adult about what is happening
  • They make sure parents do not know what is going on

Parents should be vigilant

  • Ask your child to share what social media and website they visit and use
  • Ask your child what they are doing online
  • Ask them about their anxieties or worries
  • Is your child secretive or unhealthy levels of internet use?
  • Tell them about stranger danger
  • Be aware of who they are chatting to
  • What information are they sharing and with who?
  • Let them know you are always there to support them
  1. If you are a young person or child let your parent know if anyone has made any inappropriate suggestions
  2. If in immediate risk call 999 if your child is about to meet up with an offender or Via the CEOP website

https://www.ceop.police.uk/safety-centre/

ASK SAM  on Childline

https://childline.org.uk/get-support/ask-sam/

 

ग्रूमिंग एक प्रक्रिया है जो अपराधी और शिकारियों द्वारा कमजोर युवा लोगों और बच्चों को तैयार करने के लिए उपयोग की जाती है:

  • यौन शोषण
  • आपराधिक गतिविधि
  • हिंसक और अहिंसक अतिवाद

 यह एक प्रक्रिया है कोई एक बार की घटना या कार्य नहीं है|

 यह सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन मित्रवत होने के साथ शुरू होता है|

 ग्रूमर्स सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं जो संदेश, छवियों और वीडियो उपयोग करते हैं जैसे कि

 फेसबुक, वाटसऍप, इंस्टाग्राम, स्नेप चैट|

 ग्रूमर्स किसी को चापलूसी करके, कहानियों या शौक जैसे कि रूचियों को साझा करके विश्वास बनाते हैं |

 वे एक बंधन बनाते है जहाँ बच्चे या युवा व्यक्ति क्या हो रहा है इसके बारे में एक वयस्क से बात करने से डरता है |

 वे सुनिश्चित करते हैं कि माता-पिता ना जाने कि क्या हो रहा है|

माता-पिता को सतर्क रहना चाहिए

 अपने बच्चे से यह पूछे कि वे किस सोशल मीडिया और वेबसाइट पर जाते हैं और किनका उपयोग करते हैं

 अपने बच्चे से पूछें कि वे ऑनलाइन क्या कर रहे हैं

 उन्से उनके डर या चिंताओं के बारे में पूछें

 क्या आपका बच्चा इंटरनेट का उपयोग गुप्त या अस्वास्थ्यकर स्तर पर कर रहा है?

 उन्हें अजनबी खतरे के बारे में बताएं

 जागरूक रहें कि वे किसके साथ चैट कर रहे हैं

 वे कौन सी जानकारी साझा कर रहे हैं और किसके साथ?

 उन्हें बताएं कि आप हमेशा उनका समर्थन करने के लिए उनके साथ हैं

 

  1. यदि आप एक युवा व्यक्ति या बच्चे है तो आपने माता-पिता को किसी के कोई अनुचित सुझाव देने पर जरूर बताएं |
  2. यदि आपका बच्चा अपराधी को मिलने वाला हैं तो तत्काल जोखिम पर 999 पे कॉल करे या सीईओपी वेबसाइट के माध्यम से

https://www.ceop.police.uk/safety-centre/

सैम से चाइल्ड लाइन पर पूछे

https://childline.org.uk/get-support/ask-sam/

 

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